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Anushka Sharma Brand W

अनुष्का शर्मा बॉलीवुड की एक जानी-मानी अभिनेत्री है।। इन्होंने अपना करियर 2008 में आदित्य चोपड़ा द्वारा बनाई गई फिल्म" रब ने बना दी जोड़ी "से शुरू किया था ।।उनका जन्म 1 मई 1988 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था ।। उन्होंने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की थी ।।फिल्मों की तरफ उनका रुझान बाद में हुआ ।।पहले वह एक मॉडल बनना चाहती थी ।।इसके बाद उन्हें श्रुति कक्कड़ द्वारा निर्मित बैंड बाजा बारात फिल्म के लिए भी काफी सराहा गया।। और आज भी बॉलीवुड की एक से एक महान अभिनेत्रीयों में से एक है ।। हाल ही में महिलाओं के फैशन ब्रांड W ने अनुष्का शर्मा को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है।। उनकी प्रसिद्धि और ऊंचाइयों को देखते हुए इस ब्रांड ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है।। इसी के साथ महिलाओं का यह ब्रांड व उच्च डेसीबल उत्सव अभियान को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।। ब्रांड की कलेक्शन में विशेषताएं फेस्टिवल ड्रेसेस और अनारकली ड्रेस शामिल है।। अनुष्का शर्मा के द्वारा ब्रांड कई नई ऊंचाइयां छूने की कोशिश में लगा हुआ है।।

G-20

आज रूस यूक्रेन युद्ध की वैश्विक अशांति की स्थिति में भारत ने यह साहसिक कदम उठाया है।। 9 से 10 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले की-20 की तैयारी पूरी हो चुकी है।। तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति मैदान में होने वाले इस जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान आने वाले प्रतिनिधियों का बड़ा भव्य स्वागत किया है ।। भारत ने उड़ीसा के कोणार्क व्हील का प्रदर्शन करके जी-20 के प्रतिनिधियों का स्वागत किया।। कोणार्क चक्र की घूमने वाली गति कालचक्र, समय के साथ ही प्रगति और परिवर्तन का भी प्रतीक है ।।जो यह दर्शाता है कि सब की-20 के सभी प्रतिनिधियों और भारत को मिलकर समय के साथ-साथ किस तरीके से प्रगति करनी है।।  आज सुबह में जी-20 शिखर सम्मेलन का पहला सत्र आयोजित किया जाएगा किया गया जिसका नाम रखा गया "वन अर्थ " G 20 की इस वर्ष की थीम है "वन अर्थ ,वन फैमिली और वन फ्यूचर"(One Earth ,One Family And One Future)।। सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी ने मोरक्को में आए भूकंप के कारण लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की ।।तथा दूसरे सत्र में नरेंद्र मोदी द्वारा सभी राष्ट्र अध्यक्षों से मुलाकात की गई ।।तथा उनक...

राखी।।

राखी क्या है राखी।। भाई और बहन का त्यौहार है राखी।। भाई और बहन का प्यार है राखी ।। रेशम के धागों का मजबूत बंधन है राखी।। सावन के महीने की पावन रौनक है राखी।। रेशम की डोरी में बंधा भाई बहन का रिश्ता है राखी।। कुमकुम का यूं तिलक लगाते बहन के वो हाथ हैं राखी।। प्यारी प्यारी नोक झोंक के बाद भाई बहन का आपस में जुड़ाव है राखी ।। आज के दिन बहन करती भाई का श्रृंगार है राखी।। रेशम की डोरी से बंधे हाथ से दिया भाई का आशीर्वाद है राखी।। सुप्रिया सोनी।।

तेरे हाथों के दरमियान......

तेरे हाथों के दरमियां उस नरमी को थामे हुए कुछ ही पल हुए थे,  कि मानो सारी जिंदगी ही जी ली हो मैंने।। देर से तो मिले थे लेकिन दूर तक चले थे वह सफर मुझे आज भी याद है।। कि वह सफर मुझे आज भी याद है ।। जमाने भर ने देखा था, तुमने हाथ थामा था , जो बार-बार आए ऐसी याद हो तुम ।। बेकदर सी जिंदगी को कदर दी तुमने , आज भी इस खिले चेहरे की मुस्कान हो तुम।। जिंदगी के कुछ पन्ने पलटने अभी बाकी थे , कि जिंदगी के कुछ पन्ने पलटने अभी बाकी थे , कुछ पन्नों पर तुम्हारी स्याही के निशान अभी बाकी थे।। तुम्हारे साथ का साथ एक मंज़र बन गया , कि तुम्हारे साथ का साथ एक मंजर बन गया,  वो मेरी धड़कनों सी चलती पूरी कायनात हो तुम ।। यूं तो यह अनकही सी कहानियां अपनी शाम ढूंढते ढूंढते थक गई , किसे पता था की ये अपना गान उन खामोशियों में करती गई।। की किसे पता था की ये अपना गान उन खामोशियों में करती गई।। सुप्रिया सोनी।।

ख्याल।।

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क्या कहूं उन लम्हों को जिनको एक बार नहीं सौ बार जिया है मैंने।।  एक सुकून सा मिलता है जब साथ तेरा होता है ।। उस एक-एक पल को संजो के रखना चाहती हूं जो तेरे साथ बीतता है ।। फूलों की खुशबू सा यह साथ न जाने कब तक महकेगा।। हर रोज उसे उसी ताजगी के साथ खींचना चाहती हूं ।। दिल के अरमानों की चाबी ने लम्हों को अपना बना लिया है अब यह लमहे और अरमान तो अपने से मिल गए कमबख्त उस चाबी का पता नहीं ।। क्यों आज यह शाम फिर से महकने लगी ।। क्यों यह अरमान फिर से जागने लगे ।। आज यह नैन सारी बातें कहने लगे ।। इस चांद की रोशनी में आज सब फिर से जी लिया।।  अब आदत सी हो गई है उस खुशबू की जिसकी महक के बिना अब सवेरा नहीं होता ।। दिल जानता है उस खामोशी को भी जिसके दरमियां अब सब कुछ नया नया सा है फिर भी उसकी आहट का एहसास लिए हुए हैं सुप्रिया सोनी।।

आज़ादी

आज़ादी यानी स्वावलंबन मन का वह करना जो वो करना चाहता है आज़ादी है। किसी भी पक्षी का पिंजरे के बाहर पंख फैलाए उड़ना आजादी है।  इन तारों का उस चांद के साथ जगमग-जगमग चमकना आजादी है।  उन फूलों का नए आसमान में पंख फैलाए यूं खिल जाना आजादी है । इन आंखों का दिल खोलकर प्रकृति को यूं निहारना आजादी है।  चिड़िया का एक-एक तिनका उठाकर एक नन्हा सा घर बनाना आजादी है । एक नन्हे बच्चे को जन्म देना एक मां की आजादी है । उस नदी के पानी का अपनी चाह  के अनुसार बहन आजादी है। उस चंदा को एक टक देखना आजादी है। उगते हुए सूर्य का अपनी किरणों को यूं फैलाना आजादी है।  आजादी मन की एक स्थिति है। सुप्रिया सोनी।।

दरकार!!

दरकार  क्यों अनजान राही  फिर मिलते नहीं , न जाने उनके रास्ते कौन सी राह चुन लेते हैं । कुछ अनजाने से अनजाने में दिल को छू जाते हैं , न जाने क्यों फिर मिलने की आस छोड़ जाते हैं । अब दरकार सिर्फ तेरी एक झलक की है , न जाने क्यों फिर मिलने की लकीरें बन जाती है । यह लकीरें ही फिर एक नई राह बनाती हैं, जो अलग-अलग राहों को,  अलग-अलग राहगीरों को आपस में मिलती है । रास्ते तो अब एक हो गए हैं , साथ रहा तो मंजिलों तक भी चले जाएंगे।  न जाने क्यों यह साथ दिल की धड़कनों सा चलने लगा है   जो ना थमने की दरकार कर रहा है।। सुप्रिया सोनी।।